कवि छंदयुक्त गीत रचना की पैरोकारी करते हैं। छंद में लिखना कठिन नहीं है यदि भावों की रसानुभूति में उल्लास और रिदम हो। प्रेम के संगीत का उत्पन्न होना स्वाभाविक है। डॉ संजीव ने सही लिखा है कि मात ... Read More
कवि छंदयुक्त गीत रचना की पैरोकारी करते हैं। छंद में लिखना कठिन नहीं है यदि भावों की रसानुभूति में उल्लास और रिदम हो। प्रेम के संगीत का उत्पन्न होना स्वाभाविक है। डॉ संजीव ने सही लिखा है कि मात्राओं का ध्यान रखा जाए तो कविता हर मीटर पर पाठक के दिल तक पहुँचेगी।छंद के प्रकार आपको प्रथम दृष्टया असहज कर सकते हैं, पर जैसे-जैसे आप क्रमिक रूप से आगे बढ़ते जाएँगे, आप पन्नों पर अंकित शब्द-रूपों से मुहब्बत करने लगेंगे जिसका अंजाम आपके भीतर के गीतकार को मुकम्मल बनाने के रूप में होगा।